September 19, 2024

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी कम होने के बाद अब संक्रमण का खतरा, बांटी जा रही दवाएं

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बीते 5 दिन से बाढ़ के हालात थे। क्योंकि, इस जिले के शिवनाथ नदी व अन्य छोटे-बड़े नालों के किनारे बसे गांव में बाढ़ का पानी घूस गया था। करीब 20 से अधिक गांव टापू बन गए थे। अब वर्तमान में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। लेकिन, इस बाढ़ के बाद अब संक्रमण का खतरा है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाएं बांटी जा रही है। जिले के नवागढ़ के बाढ़ प्रभावित ग्राम करमसेन बस्ती में लगभग 150 घर हैं, जिसमे मितानिन द्वारा क्लोरीन टैबलेट वितरण किया गया। स्वास्थ अमला प्रतिदिन घर भ्रमण कर स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है, वर्तमान में सभी दवा वहां उपलब्ध है। ग्राम में 12 गर्भवती महिलाएं हैं। इस गांव में किसी भी महिला का प्रसव की तारीख सितंबर माह में नही है।

रेस्क्यू टीम के साथ अभी स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद है। बता दे कि बेमेतरा में हर साल बारिश के कारण बाढ़ के हालात नहीं बनते हैं। दरअसल, प्रदेश के सबसे बड़ी नदी में शामिल शिवनाथ नदी में राजनांदगांव जिला स्थित मोंगरा बैराज का पानी छोड़ा जाता है। ये नदी बेमेतरा से होकर गुजरी हुई है। अब बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे बसे गांव में प्रभाव पड़ता है। हालांकि प्रशासन की सतर्कता व समय रहते पहले ही लोगों को सचेत कर दिया गया था। संभावित प्रभावित गावों के सुरक्षित स्थानों पर लोगों के लिए राहत शिविर भी खोले गए थे।

बेमेतरा जिले में इस मानसून बारिश –
तहसील का नाम बारिश(मिमी)
साजा 715
देवकर 703
दाढ़ी 689.7
बेरला 606
बेमेतरा 562.9
भिंभौरी 488.8
नांदघाट 485.2
थानखम्हरिया 474
नवागढ़ 402.7
औसत 569.7
नोट – आंकड़े राजस्व विभाग के ऑनलाइन वर्षा पोर्टल अनुसार।

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