September 26, 2021

छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को लुभाएंगे शिक्षा के पांच नए प्रयोग

रायपुर(जनरपट)। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को इस बार नए शिक्षा सत्र से सरकार के पांच नए प्रयोग लुभाएंगे। 16 जून से नया सत्र शुरू होगा, लेकिन इस साल स्कूलों में बदला-बदला वातावरण नजर आएगा। दरअसल किताबें द्विभाषी, पहली बार राज्यगीत, परीक्षा के बाद पठन-पाठन योजना, अंग्रेजी स्कूल और एक ही छत के नीचे लैब और लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला की मानें तो बच्चों के शिक्षा स्तर को बढ़ाने के लिए ये प्रयोग कारगर साबित होंगे।

प्रयोग एकः राज्य में बोली और भाषाओं को पढ़ाने के लिए पहली बार हल्बी, गोंडी और माड़िया में किताबें छपेंगी। इसके लिए द्विभाषिक पाठ्यपुस्तकों को छापा जाएगा। नए सत्र से 17 लाख बच्चों के लिए द्विभाषी किताबें होंगी।

प्रयोग दोः राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के बाद अब बच्चों की किताबों में पहली बार राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ को शामिल किया जा रहा है। अब क्यूआर कोड वाली सभी किताबें होंगी राज्य शिक्षा स्थायी समिति राज्यगीत को किताब में छापने की अनुमति दे दी है। समिति के अध्यक्ष व पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के केसरी लाल वर्मा की अध्यक्षता और समिति के सचिव व सदस्यों ने यह निर्णय लिया है।

प्रयोग तीनः पठन-पाठन का कार्य आनंददायी हो इसके लिए खेल और गतिविधियां बनाई जाए। इसके लिए एक अप्रैल से पठन अभियान चलाया जाएगा। इसमें पासिंग द पार्सल, म्यूजिकल चेयर्स, रोलप्ले, गाकर पढ़ना, बातचीत अभिनय बाजार के अथवा अन्य प्रकार के नजारों का चित्रण करके बच्चों को पढ़ने की प्रैक्टिस कराई जाएगी। कबाड़ से जुगाड़ करके टीचर लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) भी बनाएंगे।

प्रयोग चारः प्रदेश में पहली बार पहली कक्षा से बारहवीं तक के लिए 35 अंग्रेजी स्कूल विकसित होंगे। इसलिए नवीन भवन का निर्माण नहीं किया जाना है, बल्कि वर्तमान में संचालित स्कूलों के भवनों में ही यह स्कूल संचालित किए जाने हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक की कक्षाएं एक साथ प्रारंभ की जाएंगी। रायपुर में पं. आरडी तिवारी स्कूल और सप्रेशाला स्कूल को चयनित किया गया है।

प्रयोग पांचः बच्चों को स्कूल शिक्षा में ही वैज्ञानिक तरीके से नवाचार करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए अटल ट्रिकिंग लैब स्थापित की जा रही है। इन स्कूलों में बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी भी होगी जिसमें सभी तरह की किताबें मिलेंगी।

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