September 26, 2021

शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का आगे आना सुनहरे भारत की तस्वीर है : कोविंद

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि गुस्र्घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के अष्टम दीक्षांत समारोह में शामिल होने का अवसर मिला,यह मेरे लिए प्रसन्न्ता के साथ ही गर्व की बात है। आज छह बेटियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया है। बेटियों को सात स्वर्ण पदक मिला है। इसमें से एक बेटी को दो पदक हासिल करने में सफलता मिली है। यह गौरव की बात है कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का आगे आना सुनहरे भारत की तस्वीर है। सफलता के पीछे माता-पिता के संकल्प के साथ ही शिक्षकों का मार्गदर्शन होता है। इससे बढ़कर अपना खुद का संकल्प और आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति भी अहम है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुस्र्घासी केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित अष्टम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि डिग्री प्राप्त करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए । एक अच्छा इंसान बनना है। ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति और संकल्प को पूरा करना भी श्रेष्ठ गुणों में से एक है।

ईमानदार व्यक्तित्व के साथ ही नैतिकता और कानून का ज्ञान होना भी उतना ही जस्र्री है। संत गुस्र्घासीदास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय विवि की स्थापना संत गुस्र्घासीदास के नाम पर की गई है। सतनाम पंथ के संस्थापक गुस्र्घासीदास के नाम पर स्थापित केंद्रीय विवि में आपके बीच आकर मैं अपने आपको गौरान्वित महसूस कर रहा हूं। उनका इतना कहना था कि कार्यक्रम स्थल पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। उपस्थित मेहमान,अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने करीब पांच मिनट तक ताली बजाकर मेजबानी का अनूठा उदाहरण पेश किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि सोमवार के दिन कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। हम सब जानते हैं कि संत गुस्र्घासीदास के अनुयायियों की मान्यता है कि सोमवार का दिन उनके लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन संत घासीदास का अवतरण हुआ था ।

उन्होंने कमजोर वर्ग के लोगों को हमेशा ऊंचा उठाने की कोशिश की। उनका संदेश था-मनखे-मनखे एक समान । उन्होंने समाज और व्यक्ति के बीच कभी भेद नहीं किया। सब को एक समान मानते थे और उसी अनुरूप उनका व्यवहार भी था ।

राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवार की पीड़ा से हम सब अच्छी तरह से वाकिफ हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार नक्सलवाद से पीड़ित परिवार को शिक्षा की रोशनी से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम बघेल शिक्षा के साथ ही साथ रोजगार के साधन भी उपलब्ध करा रहे हैं। यह अच्छी बात है।

राष्ट्रपति ने अपने भाषण में सेंट्रल यूनिवर्सिटी द्वारा विलुप्त भाषाओं के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भाषाओं को बचाने की परंपरा से ही संस्कृति की रक्षा होगी। यह काम विवि प्रशासन बखूबी कर रहा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं ।

प्रत्येक क्षेत्र में छग के विद्यार्थी लहरा रहे परचम : बघेल 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रहे हैं। यह गौरव की बात है। छत्तीसगढ़ के नाम को देश के साथ ही विदेश में भी रोशन कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि विवि की स्थापना छत्तीसगढ़ के महान संत गुस्र्घासीदास के नाम पर की गई है। जिन्होंने आज से 200 वर्ष पूर्व मनखे-मनखे एक समान का नारा देतेे समानता की अलख जगाई थी। शिक्षा किसी भी समाज की वह आधारशिला होती है जिस पर श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण होता है।

विभिन्न् संकायों में मेरिट में प्रथम स्थान हासिल करने वाले नौ छात्र-छात्राओं को राष्ट्रपति ने गरिमामय समारोह के दौरान स्वर्ण पदक प्रदान किया। वे तकरीबन एक घंटे समारोह में रहे । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,गुस्र्घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर अंजिला गुप्ता उपस्थित थीं।

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