August 11, 2020

मोहल्लों में पढ़ाने, काेरोना सर्वे करने वाले 15 शिक्षक संक्रमित, एक की माैत

रायपुर/इंदौर। मध्यप्रदेश में जैसी आशंका जताई जा रही थी, वैसा ही हुआ। महामारी के इस दाैर में शिक्षकाें से ‘हमारा घर-हमारा विद्यालय’ अभियान और एक्टिव सर्विलांस टीम बनाकर कोरोना सर्वे करवाने के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। रविवार काे सूबे के अशोक नगर जिले में एक शिक्षक की कोरोना से मौत हाे गई। उन्हें कई दिनों से संक्रमण था। इस संक्रमित शिक्षक सहित प्रदेशभर में 15 शिक्षक ड्यटी के दौरान कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें इंदौर की भी एक महिला शिक्षिका हैं। कोरोना वायरस की चपेट में आने से शिक्षकों में बेहद आक्रोश है। उन्होंने इस अभियान को ही निरस्त करने की मांग उठाई है।


बता दे की मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने ‘हमारा घर-हमारा विद्यालय’ अभियान शुरू करते हुए अपने शिक्षकों को फरमान सुनाया था कि वे सरकारी स्कूल के बच्चों को मोहल्लों में या घर-घर जाकर पढ़ाएं। इनमें से कई शिक्षकों की ड्यूटी प्रशासन ने कोरोना के संदिग्ध और पॉजिटिव मरीज ढूंढने में भी लगा दी है। संक्रमण होने की आशंका में शिक्षकों ने इसका विरोध किया था, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं मान रहे हैं। शिक्षकों को सुरक्षा संसाधन दिए बिना फील्ड सर्वे करवा रहे हैं। फिर बाद में उन्हीं को बच्चों के घर भेजा जा रहा है। 


प्रदेशभर के शिक्षक इससे आक्रोशित हैं। शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उसमें बताया गया है कि शिक्षकों के साथ छात्रों के ऊपर भी संक्रमण का खतरा होने लगा है। इससे बेहतर है कि विभाग शिक्षकों को स्कूलों में छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए पढ़ाने की छूट दें।  शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष सुरेशचंद्र दुबे ने तत्काल प्रभाव से इस आदेश को निरस्त करने की मांग की हैं। 

मध्यप्रदेश की तरह मिलता जुलता आदेश यहां छत्तीसगढ़ में भी निकाला हैं। यहाँ लाउडस्पीकर स्कूल,बुल्टू के बोल सहित अन्य वैकल्पिक तरीकों से अध्यापन कराया जा रहा हैं। इतना ही नहीं अब तो 14 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया भी पूर्ण करने के फरमान जारी कर दिए गए हैं। शिक्षकों को घर घर जाकर स्कूल ड्रेस और पाठ्यपुस्तकों का वितरण करना हैं। रायपुर और बिरगांव नगर निगम सहित विभिन्न इलाकों में शिक्षकों की एक्टिव सर्विलांस टीम में ड्यूटी लगाई गई थी. अभी भी कांटेक्ट ट्रेसिंग के कार्य में कुछ लगे हैं।  प्रदेश के विभिन्न क्वारंटाइन सेंटरों में भी कुछ शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी। बताया जा रहा हैं कि इसमें से ज्यादातर शिक्षकों के कोरोना टेस्ट नहीं किये गए हैं। अब फिर से इन्हे सीधे घर घर दस्तक देकर सीधे  बच्चों या उनके परिजनों से संपर्क करने कहा जा रहा हैं। यहाँ यह बता देना लाज़मी होगा कि रायपुर और बिरगांव निगम क्षेत्र कोरोना संक्रमण के लिहाज़ से रेड ज़ोन में हैं। ऐसे में यहाँ अतिरिक्त सावधानी बरते जाने की जरूरत हैं। 

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