नक्सलियों के ‘एंट्री गेट’ में किसानों ने पेश की विकास की मिसाल, अब मिला 10 करोड़ का पुरस्कार

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ का नारायणपुर जिला यूं तो नक्सलियों के ‘एंट्री गेट’ के नाम से जाना जाता है. नक्सल प्रभावित इस जिले में अब विकास उड़ान भर रहा है. कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समग्र विकास में नारायणपुर जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिसाल पेश की है. यहां बेहतर खेती, नए रोजगार और जरूरी सुविधाएं बढ़ाने के लिए खास योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया. इस विकास की मिसाल के लिए नीति आयोग ने 10 करोड़ का पुरस्कार दिया है. इसके जरिए अब यहां नए विकास कार्यों को और रफ्तार मिलेगी.
नारायणपुर की शानदार उपलब्धि
छत्तीसगढ़ का नारायणपुर जिला अब विकास की नई मिसाल बन चुका है. यहां के लोगों की मेहनत और सरकार की योजनाओं ने मिलकर जिले को तेजी से आगे बढ़ाया है. इस बेहतरीन काम के लिए नीति आयोग ने नारायणपुर को 10 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया है. यह सम्मान जिले को कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समग्र विकास में शानदार प्रदर्शन के लिए मिला है.
विकास के लिए खास योजनाएं
नारायणपुर में खेती को उन्नत बनाने, लोगों को नए रोजगार देने और गांवों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने के लिए खास योजनाएं चलाई जा रही हैं. किसानों को नई तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनकी फसल अच्छी हो और आमदनी बढ़े. वहीं, गांवों में सड़कें, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है.
नारायणपुर के विकास को मिलेगी रफ्तार
इस पुरस्कार से नए विकास कार्यों को और गति मिलेगी. अब नारायणपुर में बेहतर योजनाएं लागू होंगी, जिससे गांवों की तरक्की तेज होगी और लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा. यह सफलता दिखाती है कि अगर सही योजना और मेहनत हो, तो कोई भी इलाका विकास की नई कहानी लिख सकता है. नीति आयोग ने नारायणपुर के प्रयासों को सराहा और कहा कि यह जिला दूसरे जिलों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है.