February 17, 2025

मुंह से दी सांस, परिवार हुआ साफ, भीड़ का सैलाब… भगदड़ का शिकार लोगों ने बताया महाकुंभ का रूह कंपाने वाला मंजर

MAHAKUMBH-AA
FacebookTwitterWhatsappInstagram

प्रयागराज। महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर दूसरा अमृत स्नान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए देश और दुनियाभर से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। बुधवार को आधी रात के बाद तड़के यहां बड़ा हादसा हो गया। भगदड़ मच गई, जिस वजह से कई श्रद्धालु घायल हो गए। घटनास्थल से कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिसमें हादसे का दर्द साफ झलक रहा है। कोई महिला अपने बेसुध पड़े पति को मुंह से सांस देती नजर आ रही है तो वहीं कोई कपड़े और जूतों के ढेर के बीच अपनों की निशानी खोज रहा है। कोई श्रद्धालु हादसे का मंजर बयान कर रहा है तो वहीं पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर नम आंखों से इंतजार में बैठा है।

हम 9 आदमी आए थे, दो आदमी मर गए
एक पीड़ित ने कैमरे पर व्यथा जाहिर करते हुए कहा- हम 7 आदमी हैं, 9 आदमी थे, दो आदमी मर गया। राम अवध शर्मा और गुलइचा देवी। कहते-कहते वह रुआंसा हो जाता है। जब पूछा जाता है कि कितने बजे? तो वह कहता है अभी-अभी एक घंटा पहले। आंखों में आंसू लिए वह शख्स कहता है कि 112 पर फोन किया, कोई नहीं उठाया। 100 पर किया कोई नहीं उठाया। बॉडी वहीं पर है। पुलिस थी, कोई बोला ही नहीं, बोला- बढ़ो, बढ़ो, बढ़ो।

जूते और कपड़ों के ढेर में अपनों की तलाश
वहीं एक तस्वीर में महिला भीड़ के बीच जूते और कपड़ों के ढेर के बीच कुछ तलाश करती दिखाई पड़ी। अन्य महिला ने बताया कि भीड़ में हम सब लोग दब गए। हम चिल्ला रहे थे। मैं संगम की तरफ नहाने जा रही थी। हमारे साथ हमारा पूरा एक ग्रुप था। अचानक तेज आवाज सुनाई दीं। चीखों के बीच ऐंबुलेंस के सायरन गूंज रहे थे। लोग रो रहे थे और अपनों को ढूंढ रहे थे।

कोई सांस देता दिखा तो कोई हाथ जोड़े नजर आया
एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक महिला जमीन पर बेसुध हालत में लेटे व्यक्ति को मुंह से सांस देती नजर आ रही हैं। वहीं एक अन्य पीड़ित ने बताया कि हम लोग संगम में नहाने जा रहे थे। अचानक भीड़ टूटी और लोग जमीन पर गिर पड़े। भीड़ उन्हें रौंदती हुई निकल गई। मेरा पूरा परिवार दब गया। किसी तरह निकला और अपने परिवार को निकाला।

पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर अपनों की तलाश
कई लोग पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर इंतजार करते नजर आए। एक पीड़ित श्रद्धालु ने टीवी चैनल से बात करते हुए बताया कि प्रशासन ने संगम के लिए एक ही रास्ता कर दिया था। इसलिए ये हादसा हुआ। अचानक कुछ महिलाएं गिरी। हम लोगों ने उनकी मदद की। लेकिन तब तक दूसरी ओर भी भगदड़ मच चुकी। संगम की ओर आने और जाने का एक ही रास्ता था। लोग इधर उधर भागने की कोशिश कर रहे थे।

20 लोग उनके ऊपर गिरे, पुलिस 3 घंटे बाद पहुंची
मेघालय से आई एक महिला बेसुध हालत में जाती नजर आई। मीडिया से बात में उसने भगदड़ का शिकार परिजन की हालत बयान करते हुए कहा- वो डायबीटिज के मरीज हैं। 20 आदमी उसके ऊपर गिर गया। 3 घंटे के बाद पुलिस वहां पहुंची। मेरे घर के लोग भी घायल हैं। वहां 100 से अधिक लोग घायल हैं।

अचानक झुंड आई, पैरों से कुचलते रहे लोग
घटना के बाद मेडिकल हेल्प और ऐमबुलेंस पहुंची। ऐसे ही कर्नाटक के बेलागावी से आई महिला ने बताया कि हम लोग जा रहे थे। तभी उल्टी दिशा से लोग झुंड में आए और सबको दबाते हुए निकल गए। हम लोग खंभे की तरफ दब गए। अभी हमारे पांच लोग नहीं मिल रहे हैं। लोग पैरों से कुचलते जा रहे थे। अभी हमारे लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अस्पताल में हैं।

खोया-पाया केंद्र पर तलाशते रहे लोग
महाकुंभ में खोया-पाया केंद्र पर लोग जुटे रहे। चित्रकूट से आए इंद्रपाल ने बताया कि हम लोग संगम के पास पहुंचे, अफरातफरी मच गई। हम भीड़ से बाहर निकलने में कामयाब रहे लेकिन नीचे गिर गए और रास्ता भटक गए। हम नहीं जानते कि हम कहां हैं। मेरे बहनोई नहीं मिल रहे हैं। वह भीड़ में दब गए थे। मैं वहां गया था तो सिर्फ सामान बिखरा था, कोई नहीं था। मुझे बहुत चिंता हो रही है। सिर्फ लोग जमीन पर घायल पड़े थे।

संगम किनारे जमीन पर लेटे रहे लोग
यह तस्वीर मेला क्षेत्र की है, जहां लोग अमृत स्नान के लिए जमीन पर ही लेटे रहे। बुधावार को आधी रात के बाद संगम किनारे बड़ा हादसा हो गया। मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए करोड़ों की तादाद में जुटे लोगों के बीच किसी अफवाह पर भगदड़ मच गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हुए हैं।

FacebookTwitterWhatsappInstagram
error: Content is protected !!
Exit mobile version