September 29, 2020

भारत-चीन तनाव के बीच भारतीय सेना ने तैयार कीं बोफोर्स तोपें

नई दिल्ली।  पूर्वी लद्दाख में भारत चीन के बीच तनाव चरम पर है. दोनों ही देशों की सेना आमने-सामने हैं. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की चालबाजी को देखते हुए भारतीय सेना बोफोर्स होवित्जर तोप युद्ध के लिए तैयार कर रही है. सेना के इंजीनियर 155 मिमी बोफोर्स तोपों की सर्विसिंग कर रहे हैं। 

लद्दाख में सेना के इंजीनियरों को ऐसी बोफोर्स तोपों की सर्विस करते देखा गया है. अधिकारियों ने कहा कि यह कुछ दिनों में गरजने के लिए तैयार हो जाएंगी.

बता दें, बोफोर्स तोपों ने जम्मू-कश्मीर के द्रास में ऑपरेशन विजय की कई लड़ाईयां जीतने में भी भूमिका निभाई थी.

वहीं भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के पास स्थिति फिंगर 4 की कई चोटियों पर कब्जा कर लिया. सेना ने यह गतिविधि अगस्त के अंत में ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर अपना कब्जा करने के लिए झील के दक्षिणी तट से ऑपरेशन शुरू किया था. इससे पहले चीनी सेना ने फिंगर 4 के पास ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया था, लेकिन भारतीय सेना ने अब उन ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है. 

बता दें कि इससे पहले चीनी सैनिकों ने 29 और 30 अगस्त को वास्तविक नियंत्रण सीमा पर घुसपैठ करने की कोशिश की. इसको लेकर झड़प होने की भी खबर सामने आई. भारतीय सेना ने इसका करारा जवाब दिया. सेना ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि उन्हें माकूल जवाब दिया गया.

उल्लेखनीय है कि सीमा विवाद को लेकर पिछले कई महीनों से चीन और भारत के बीच संबंध अच्छे नहीं हैं और दोनों देशों के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में तनातनी जारी है. बावजूद भारतीय सेना ने शांति, सौहार्द्र और मानवता का परिचय देते हुए बिगड़ते रिश्तों के बाद भी इंसानियत की मिसाल पेश की और चीनी नागरिकों को बचाया था.

गौरतलब है कि 15-16 जून को भी लद्दाख की गलवान घाटी में एलएसी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था. इसमें भारतीय सेना के एक कर्नल समेत 20 सैनिक शहीद हो गए थे. भारत का दावा था कि घटना में चीन के भी काफी सैनिक मारे गए हैं, हालांकि चीन ने मारे गए सैनिकों के बारे में कभी भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की. 

लद्दाख में 134 किलोमीटर लंबी पैंगोंग झील हिमालय में करीब 14,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है. इस झील का 45 किलोमीटर का क्षेत्र भारत में पड़ता है, जबकि 90 किलोमीटर चीन के क्षेत्र में आता है. वास्तविक नियंत्रण रेखा इसी झील से गुजरती है, लेकिन चीन यह मानता है कि पूरी झील चीन के अधिकार क्षेत्र में है.  

बोफोर्स तोपों ने 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ पहाड़ों पर बने बंकरों और ठिकानों को आसानी से नष्ट कर दिया था. इन तोपों ने पाक सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था.

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