October 31, 2020

रायपुर : कोरोना ड्यूटी कर रहे शिक्षक की मौत…ससुर की भी गई जान… परिवार के कई सदस्य संक्रमित…

रायपुर । छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण का कहर शिक्षकों पर भी जमकर आफत ढा रही है। कोरोना ड्यूटी में लगे शिक्षकों की मौत की खबरें लगातार प्रदेश भर से आ रही है। ताजा मामला राजधानी रायपुर का है, जहां नवीन देवांगन नाम के एक शिक्षक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी। राजधानी में कोरोना से किसी शिक्षक की ये चौथी मौत है। इसको लेकर एक बार फिर शिक्षकों का आक्रोश चरम पर हैं। 


मृतक शिक्षक शासकीय हिन्दू हायर सेकंडरी स्कूल रायपुर में पदस्थ थे। जिनकी ड्यूटी लगातार कोरोना संबधी कार्य मे लगाया जा रहा था। इस दौरान ही शिक्षक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। रविवार को उनकी तबियत गंभीर हो गई। सास लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती करने के लिए एम्बुलेंस बुलाया गया, जिसमे ऑक्सीजन नही था। 

बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाते समय ऑक्सीजन की कमी के कारण शिक्षक की असमय मौत हो गयी । दिवंगत शिक्षक की पत्नी भी शिक्षिका है। कुछ दिन पहले उनके ससुर की मौत भी कोरोना से हुई हैं। कुछ समय पूर्व ही दिवंगत शिक्षक की पत्नी भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गई थी और इस दौरान भी जिला प्रशासन द्वारा दिवंगत शिक्षक का लगातार कोरोना ड्यूटी लगाया गया। 

संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने शिक्षक की मौत पर तीखी नाराजगी जतायी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरोना संक्रमण काल में शिक्षकों की ड्यूटी  कोरोना संबंधी विभिन्न कामों में लगाया जा रहा है। कांट्रेक्ट ट्रेसिंग, ऐक्टिव सर्विलांस, कोरोना मरीज की अस्पताल भर्ती व रिकॉर्ड अपडेट, घर घर कोरोना सर्वे, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टॉप, विखं, जिला, राज्य के चेकपोस्ट में ड्यूटी आदि एवं सेंपल कलेक्शन जैसे सबसे खतरनाक काम में लगातार लगाया जा रहा है। जबकि इन कार्यो के लिए शिक्षक अप्रशिक्षित है और उन्हें सुरक्षा के उपकरण भी नही दिए जा रहे है और न ही किसी प्रकार का बीमा हैं। ऐसे में लगातार शिक्षको का असमय मौत हो रहा है।

प्रदेश में करीब 20 शिक्षको की असमय मौत कोरोना कार्य करते हो गई हैं। राजधानी रायपुर में अब तक 04 शिक्षकों की मौत हो गई हैं।

संयुक्त शिक्षक संघ प्रांताध्यक्ष केदार जैन सहित प्रांतीय पदाधिकारी श्रीमती ममता खालसा, ओम प्रकाश बघेल, अर्जुन रत्नाकर, गिरजा शंकर शुक्ला, नरोत्तम चौधरी, श्रीमती माया सिंह, सोहन यादव, ताराचंद जयसवाल, रूपानंद पटेल, मुकुन्द उपाध्यक्ष, अमित दुबे, सचिन त्रिपाठी संतोष टाडे, जिलाध्यक्ष रायपुर पवन सिंह ने संघ की ओर से श्री नीलेश देवांगन शिक्षक के असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट किया हैं। संघ प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने छत्तीसगढ़ सरकार पर शिक्षको के प्रति संवेदनहीन होने और शिक्षको को जानबूझकर मौत के मुह में भेजने का गंभीर आरोप लगाया हैं। 

रायपुर कलेक्टर सहित अधिकारियो पर हठधर्मिता पूर्वक कार्य करने, शिक्षको की बातों को अनसुना कर भयादोहन करने का भी आरोप लगाया हैं। शिक्षक कोरोना संबधी कई कार्यो के लिए अप्रशिक्षित हैं और न ही सुरक्षा बीमा हैं, न ही सुरक्षा मानकों की व्यवस्था जिसे सरकार व अधिकारी भलीभांति जानते है उसके बावजूद शिक्षको को भगवान भरोषे छोड़कर कार्य कराया जा रहा हैं। जो शिक्षक कोरोना ड्यूटी में निजी गंभीर परेशानी के कारण रिलीव चाहता हैं तो उसे अनसुना करके कार्यवाही करने, वेतन रोकने काटने आदि का नोटिस देकर भयादोहन किया जाता हैं।

संयुक्त शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कोरोना कार्य करने वालो शिक्षको का 50 लाख का सुरक्षा बीमा, सुरक्षा उपकरण प्रदान करना एवं दिवंगत शिक्षको के आश्रित को सहायक शिक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति, तत्काल लागू करने का मांग किया हैं। संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा इस आशय का राज्यव्यापी ज्ञापन दिनाँक 1 अक्टूबर 2020 को सभी जिला मुख्यालय व मंत्रालय में सौंपा जाएगा। कोरोना ड्यूटी कर रहे शिक्षको से संघ अपील करता हैं कि स्थानीय स्तर पर एसडीएम, बीएमओ, बीईओ को बीमा, सुरक्षा मानक का आवेदन जरूर देवे। इसके बाद भी सरकार द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने पर शिक्षक सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व स्थानीय प्रशासन की होगी। 

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