May 15, 2021

भर्ती प्रक्रिया पूरी : हायर सेकेंडरी के लिए चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र होगा जारी, शेष को अभी भी करना होगा इंतजार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 14580 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया दो साल बाद पूरी हो गई है, लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय अभी केवल हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी कक्षाओं में पढ़ाने के लिए चयनित शिक्षकों को ही नियुक्ति पत्र जारी करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार ने शुक्रवार शाम लोक शिक्षण संचालनालय को नियुक्ति पत्र निकालने का आदेश जारी किया। कहा गया, विभागीय आदेश से प्रदेश के 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी जा चुकी है। ऐसे में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के आवश्यक पदों को भरने के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को नियुक्ति आदेश व्यक्तिगत तौर पर अलग-अलग जारी करने को कहा है। नियुक्ति आदेश में वरिष्ठता का निर्धारण व्यावसायिक परीक्षा मंडल की की प्रावीण्य सूची के आधार पर तय होने की शर्त भी लिखने को साफ तौर पर कहा गया है। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षकों के खाली पड़े 14580 पदों को भरने की प्रक्रिया मार्च 2019 में शुरू हुई थी। यह प्रक्रिया अब जाकर पूरी होती दिख रही है।

बताया गया, नियुक्ति पत्र जारी होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में पहली बार नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। दरअसल संयुक्त मध्य प्रदेश के समय 1995 में शिक्षाकर्मी नाम से तदर्थ शिक्षकों की भर्ती होने लगी थी। पंचायती राज कानून लागू होने के बाद शिक्षक पद को डाइंग कैडर घोषित कर दिया गया। नवम्बर 2000 में छत्तीसगढ़ बन गया, लेकिन नियमित शिक्षकों की कभी भर्ती नहीं हुई।

छत्तीसगढ़ व्यापमं ने शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के परिणाम 30 सितम्बर 2019 व 22 नवम्बर 2019 को घोषित कर दिए थे। व्यापमं की ओर से जारी प्रावीण्य सूची के आधार पर नियुक्तियां की जानी थीं। मार्च 2020 में कोरोना लॉकडाउन होने के बाद स्कूल बंद हो गये और नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया को टाल दिया गया।

वित्त विभाग की ओर से कहा गया, विभागों में प्रचलित नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन नियुक्ति आदेश जारी करने के पहले वित्त विभाग से सहमति प्राप्त करना जरूरी होगा। स्कूल खुलने का आदेश जारी होने के बाद नियुक्ति के लिए भी वित्त विभाग से अनुमति ली गई।

error: Content is protected !!