April 3, 2025

सीरम इंस्टीट्यूट प्लांट हादसा : लैब में आग लगने से 5 लोगों की मौत; 6 को बचाया गया, कोरोना वैक्सीन सुरक्षित

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पुणे। पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल पर भीषण आग लग गई। आग पर काबू पाए जाने के बाद जब तलाशी ली गई, तो यहां 5 लाशें मिली हैं। पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोर ने बताया कि ऊपरी मंजिल पर मजदूरों की लाश मिली है। बिल्डिंग से 6 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि, इससे पहले SII के CEO ने आग से किसी की मौत होने से इनकार किया था।

शाम को 4.34 पर SII के CEO अदार पूनावाला ने सोशल मीडिया पर कहा था, ‘आग से कुछ फ्लोर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, लेकिन शुक्र है कि किसी की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ।’

जिस इमारत में आग लगी, वहां काम चल रहा था। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। SII के पुणे प्लांट में ही कोरोना से बचाव के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड वैक्सीन बनाई जाती है। हालांकि, आग से कोवीशील्ड वैक्सीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। कोवीशील्ड को कैम्पस के अलग हिस्से में बनाया और स्टोर किया जाता है। हाल ही में यहां से वैक्सीन की खेप देशभर में पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ है। 

पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता ने बताया, ‘SII के मंजरी प्लांट में आग लगी। वहां फिलहाल प्रोडक्शन नहीं हो रहा था, लेकिन इसके लिए पूरी तैयारियां थीं। वैक्सीन प्लांट और स्टोरेज पूरी तरह सुरक्षित है।’

क्यों खास है सीरम इंस्टीट्यूट?
यह वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। अब तक यह अलग-अलग वैक्सीन के 1.5 अरब डोज बेच चुकी है। यह एक तरह का रिकॉर्ड भी है। एक आंकड़े के मुताबिक, दुनिया के 60% बच्चों को सीरम की एक वैक्सीन जरूर लगी है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से मान्यता प्राप्त सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की वैक्सीन 170 देशों में सप्लाई होती हैं। यह कंपनी पोलियो वैक्सीन के साथ-साथ डिप्थीरिया, टिटनस, पर्ट्युसिस, HIV, BCG, आर-हैपेटाइटिस बी, खसरा, मम्प्स और रूबेला के टीके भी बनाती है। 

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