March 8, 2021

क्या LB संवर्ग खत्म होगा : पदोन्नति, क्रमोन्नति देने में शासन का छूट रहा पसीना; DPI से एसोसिएशन ने की चर्चा

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर शिक्षाकर्मी,शिक्षक पंचायत और एलबी संवर्ग को लेकर आने वाले दिनों में मुद्दा गरमा सकता हैं। हाल ही में लगभग 16 हजार शिक्षक पंचायतों के संविलियन उपरान्त यह मामला और तूल पकड़ लिया हैं।  इसमें वेतन निर्धारण के बाद लगता है कि पदोन्नति, क्रमोन्नति देने में शासन का पसीना छूट रहा है । वर्तमान संविलियन आदेश उपरांत दो साल और सात साल की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों की वेतनमान एक बराबर हैं। 

बता दें कि एलबी संवर्ग हटाने शासन स्तर पर चल रही कथित प्रक्रिया के बीच छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में डीपीआई  जितेंद्र शुक्ला  से मुलाकात कर ज्ञापन सौप चर्चा किया गया । टीचर्स एसोसिएशन ने प्रथम नियुक्ति के आधार पर लाभ के साथ ही ई/टी संवर्ग में समायोजित करने की मांग की। चर्चा के दौरान संजय शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि 05 मार्च 2019 के राजपत्र अनुसार एल बी संवर्ग के लिए निर्धारित पदोन्नत्ति के पद के साथ ही ई / टी संवर्ग में हो समायोजन किया जावे। 

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि टीचर्स एसोसिएशन ने प्रथम नियुक्ति के आधार पर लाभ के साथ ही ई/टी संवर्ग में समायोजित करने की मांग की है साथ ही 05 मार्च 2019 के राजपत्र अनुसार एल बी संवर्ग के लिए निर्धारित पदोन्नत्ति के पद के साथ ही ई/टी संवर्ग में समायोजन स्वीकार्य होगा। सरकार के पास राजपत्र परिवर्तन के समय जनघोषणा पत्र में उल्लेखित क्रमोन्नति, पदोन्नत्ति, वेतन विसंगति पुरानी पेंशन का लाभ देने का उचित अवसर है।

ज्ञात हो कि संविलियन के बाद प्रथम नियुक्ति तिथि के साथ क्रमोन्नति, पदोन्नति सहित सभी लाभ का मांग मजबूती से किया गया था, जिस पर तत्कालीन शिक्षा सचिव ने बीच का रास्ता तैयार करके एल बी कैडर बनाकर पदोन्नत्ति के लिए पृथक पद निर्धारित किया था, किन्तु वर्तमान में शिक्षा शासन एल बी शिक्षक संवर्ग पर भरोसा न कर केवल पूर्व के नियमित शिक्षको को ही सम्पूर्ण लाभ व सुविधा देना चाहते है यही कारण है एल बी शिक्षक संवर्ग से चर्चा किए बगैर गुपचुप तरीके से एल बी शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति, पदोन्नति, वेतन विसंगति व पुरानी पेंशन के लाभ व सुविधा से वंचित करने एल बी संवर्ग को ही खत्म कर संविलियन तिथि से लाभ व सुविधा का मापदंड तय करना चाह रहा है, इससे एल बी संवर्ग के शिक्षको की वर्षो पूर्व सेवा को समाप्त करने की तैयारी है। पदोन्नति, क्रमोन्नति देने शासन का पसीना छूट रहा है इसीलिए ये हथकंडे अपना रहे है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि शिक्षको को यह समझना होगा कि एल बी संवर्ग है पदनाम नही।  अतः पूर्व सेवा का लाभ प्रथम नियुक्ति तिथि को आधार बनाने से ही प्राप्त होगा, एल बी संवर्ग तभी हटे जब प्रथम नियुक्ति के आधार पर विभाग में एल बी हटाकर समायोजन किया जावे। संविलियन के पूर्व की सेवा समाप्त करने की तैयारी है जिससे डेढ़ लाख शिक्षकों के साथ कुठाराधात होगा।

शिक्षा प्रशासन संविलियन को आधार बनाकर क्रमोन्नति अवधि, पदोन्नति अवधि, विभाग में सभी का यही वेतन व पेंशन योजना के सभी लाभ व सुविधा को कनिष्ठ बनाकर मांग को तकनीकी रूप से समाप्त करने पर उतारू है, एसोसिएशन प्रथम नियुक्ति की वरिष्ठता के साथ समायोजन ही स्वीकार करेगा, शिक्षको को कनिष्ठ बनाने के खिलाफ विरोध किया जाएगा।

मृत्यु सह सेवानिवृति ग्रेच्युटी के मामले में प्रथम नियुक्ति के आधार पर रायगढ़ डीईओ के मार्गदर्शन संदर्भित पत्र के तहत ग्रेच्युटी व अवकाश नगदीकरण के भुगतान हेतु निर्देश जारी करने का मांग संचालक से किया गया है। 

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