April 4, 2025

CG : नाव के सहारे महानदी का सीना चीर रहे रेत माफिया, ऐसे हुआ काले अंधेरे में होने वाली अवैध तस्करी का भंडाफोड़

KKR1
FacebookTwitterWhatsappInstagram

कांकेर । छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के हौले बुलंद हैं। वैसे तो बोट या नाव का इस्तेमाल लोगों को नदी के एक तट से दूसरे तट पर आने-जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि इसका इस्तेमाल रेत की तस्करी करने के लिए भी किया जा सकता है… जी हां, इसी तरह का एक मामला कांकेर जिला से सामने आया है. रेत माफिया (Sand Mafia) एक ऐसी हाईटेक मशीनों (High Tech Machines) से लैस बोट लेकर पहुंचे, जिससे रेत निकालकर अवैध काला बाजारी की जा रही है. इस हाईटेक मशीन से लैस नाव को देख लोग अचंभे में हैं।

पूरा मामला चारामा क्षेत्र के ग्राम खरथा के महानदी का है. मामले का भंडाफोड़ तब हुआ, जब भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी किसी कार्यक्रम के लिए ग्राम हल्बा से वापस लौट रही थी. उन्होंने देखा कि महानदी के पास में एक हाइवा ट्रक लगी हुई है और रेत की तस्करी की जा रही है. आगे बढ़ने पर एक बोट को देख उनकी आंखें खुली की खुली रह गई. यह बोट एक हाईटेक बोट थी, जो आधुनिक मशीनों से लैस थी. इसमें बड़े-बड़े मोटर पंप लगे हुए थे, जिसका इस्तेमाल रेत निकालने के लिए किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि यह हाईटेक बोट नदी के तेज बहाव में भी रेत निकालने में कारगर है. इस बोट के माध्यम से 30 से 40 फिट गहराई से रेत निकाला जा सकता है।

रेत की तस्करी के मौके पर एक ऑपरेटर भी मिला. कड़ाई से पूछने पर उसने बताया कि यह बोट यूपी से रेत निकालने के लिए खास मंगाई गई है. मामले का भानुप्रतापपुर विधायक और आम ग्रामीणों ने विरोध करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया और कार्रवाई किये जाने की बात कही. घंटों बाद पहुंचे प्रशासनिक अमले ने चैन माउंटेन और कुछ वाहनों को जब्त किया. लेकिन, इस हाईटेक बोट को जब्त नहीं किया गया।

इस पूरे मामले में विधायक सावित्री मंडावी का कहना है कि रेत माफिया रेत की कालाबाजारी करने के लिए हाईटेक मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ में नई तरह की मशीन है. इसे पहली बार प्रदेश में देखा गया है. यह एक गंभीर मामला है. इस पर शासन-प्रशासन को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं, उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

FacebookTwitterWhatsappInstagram
error: Content is protected !!
Exit mobile version