CG – तीन दिन तीन मर्डर : बड़े भाई ने छोटे को उतारा मौत के घाट; ब्लेड से काटा गला, पत्थर बांधकर शव को तालाब में फेंका

प्रतीकात्मक चित्र
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लगातार तीसरे दिन हत्या की घटना हुई है। नेवई थाना क्षेत्र के स्टेशन मरोदा डबरा पारा में बड़े भाई ने छोटे भाई को मौत के घाट उतार दिया है। ब्लेड से गला और चेहरा काटकर उसकी हत्या करने के बाद आरोपित ने उसकी लाश को पत्थर से बांधकर घर के पीछे के डबरा में फेंक दिया था। घटना की जानकारी लगने के बाद नेवई पुलिस ने डबरा से शव को बाहर निकलवाया है। आरोपित को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
बता दें कि दुर्ग जिले में 15 सितंबर को खुर्सीपार के आइटीआइ मैदान में मलकीत और इस घटना के करीब 24 घंटे के बाद 16 सितंबर को सुंदर नगर कोहका में चंद्रशेखर ठाकुर की उसके पड़ोसियों ने हत्या कर दी थी। अब 17 सितंबर को नेवई के स्टेशन मरोदा डबरा पारा में सन्नी राजपूत उर्फ सन्नी नेपाली (22) नाम के युवक की हत्या हुई है। सन्नी के बड़े भाई दीपक राजपूत ने ही उसकी हत्या की है।
जानकारी के अनुसार रविवार को दीपक राजपूत और सन्नी घर पर अकेले थे। दीपक की पत्नी वंदना काम पर गई थी। उसके बच्चे अपनी नानी के पास थे। दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दीपक राजपूत ने ब्लेड और कटर से अपने छोटे भाई सन्नी के गले व चेहरे पर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रात में उसकी शव को पत्थर से बांधकर उसे घर के पीछे के डबरा में फेंक दिया था। पुलिस को आरोपित के घर से ब्लेड और कटर मिला हैं। आरोपित दीपक राजपूत से पूछताछ की जा रही है।
आरोपित की पत्नी ने दी पुलिस को जानकारी
रविवार की शाम को आरोपित दीपक राजपूत की पत्नी वंदना काम से वापस अपने घर लौटी तो उसने देखा कि उसके बिस्तर पर उसके देवर सन्नी लेटा हुआ था। उसे लगा कि वो शराब पीकर उसके बिस्तर पर सोया हुआ है। उसने अपने पति दीपक से इसके बारे में पूछा तो दीपक ने उसे बताया कि उसने सन्नी को मार दिया और बिस्तर पर उसकी लाश पड़ी हुई है।
भाभी ने पुलिस को दी देवर की हत्या की जानकारी
दीपक ने अपनी पत्नी को भी धमकी दी कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया तो वो उसे भी मार देगा। स्टेशन मरोदा में ही वंदना का मायका है। घबरा कर वो शाम को अपने मायके चली गई। उसने अपनी मां और परिवार वालों को इसके बारे में बताया। घटना से वो इतनी ज्यादा डर गई थी कि वो पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। परिवार वालों ने उसे हिम्मत दिया तब वो सोमवार की दोपहर में नेवई थाना पहुंची और अपने देवर की हत्या की जानकारी दी।