September 26, 2021

दिव्यांगों पर अत्याचार रोकने को कानून सख्त बनाया : पीएम मोदी

प्रयागराज/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज परेड मैदान में दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए. इसके बाद उन्होंने सामाजिक अधिकारिता शिविर को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों के समय, इस तरह के कैंप बहुत ही कम लगा करते थे और इस तरह के मेगा कैंप तो गिनती के होते थे. बीते 5 साल में हमारी सरकार ने देश के अलग-अलग इलाकों में करीब 9,000 कैंप लगवाए हैं.

पीएम ने कहा कि पिछली सरकार के पांच साल में जहां दिव्यांगजनों को 380 करोड़ रुपये से भी कम के उपकरण बांटे गए, वहीं हमारी सरकार ने 900 करोड़ रुपये से ज्यादा के उपकरण बांटे हैं. बीते 4-5 वर्षों में देश की सैकड़ों इमारतें, 700 से ज्यादा रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाई जा चुकी हैं, जो बची हुई हैं उन्हें भी सुगम्य भारत अभियान से जोड़ा जा रहा है.

प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों से कहा कि पहले अगर बैंक में आपके 10 लाख रुपये थे और बैंक डूब जाए, तो आपको 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं मिलता था. हमने अब नियम बदलकर 1 लाख की जगह 5 लाख कर दिया है. लोगों के पैसों को सुरक्षित करने का काम हमने किया है. इससे बैंकों के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा. 60 वर्ष की आयु के बाद बुजुर्गों को एक निश्चित राशि पर एक निश्चित ब्याज मिले, उनका निवेश सुरक्षित रहे. इसके लिए हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री वय योजना भी शुरू की थी. इसका मकसद यही था कि अगर बाजार में ब्याज दरें कम हो जाएं तो उसका प्रभाव उन पर कम से कम पड़े.

पीएम मोदी ने कहा कि दिव्यांगों पर अगर कोई अत्याचार करता है, उन्हें परेशान करता है, तो इससे जुड़े नियमों को सख्त किया है. दिव्यांगों की नियुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए. सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वो सफाई कर्मचारी जो ऐतिहासिक कुंभ की पवित्रता बढ़ा रहे थे और जिनके परिश्रम और पुरुषार्थ के कारण पूरे विश्व में प्रयागराज के इस कुंभ की स्वच्छता की चर्चा हुई. पूरी दुनिया में प्रयागराज की एक नई पहचान बनी. कुंभ में एक नई परंपरा नजर आई और उसे सफल करने वाले उन सफाई कर्मचारियों के चरण धोने का अवसर मुझे मिला.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तीर्थराज, प्रयागराज में आकर हमेशा ही एक अलग पवित्रता और ऊर्जा का एहसास होता है. पिछले साल फरवरी में मैं कुंभ के दौरान इस पवित्र धरती पर आया था. तब संगम में स्नान करके और उसके साथ-साथ मुझे एक और शौभाग्य मिला था.

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