January 8, 2025

अफसरों के बीच बिल्कुल अफसर के अंदाज़ नजर आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

cm-anubhav
०० मुख्यमंत्री ने कहा, यह मेरा पहला अनुभव रहा, आईएएस अधिकारियों के कॉन्क्लेव में होते हैं फॉर्मल प्रोग्राम
०० मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, यहां आकर मैंने देखा कि कैसे बैठना है, कैसे खाना है, कितनी देर रुकना है
रायपुर| छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को आईएएस कांटेक्ट में शामिल हुए । इस दौरान उन्होंने बंद गले का ब्लैक सूट पहना। यही ड्रेस तमाम आईएएस अधिकारियों ने भी पहन रखी थी। अफसरों के बीच बिल्कुल अफसर के अंदाज़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नजर आए।

आईएएस अधिकारियों के बीच बतौर मेहमान पहुंचने के अनुभव पर जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया तो वह मुस्कुराने लगे। हंसते हुए बोले- यह मेरा पहला अनुभव रहा, आईएएस अधिकारियों के कॉन्क्लेव में फॉर्मल प्रोग्राम होते हैं । मुझे भी निमंत्रण मिला था मैंने यहां आकर देखा कि कैसे बैठना है, कैसे खाना है, कितनी देर रुकना है, क्योंकि चीफ गेस्ट जब खाएंगे तभी सभी खाना शुरू करते हैं । अगर वह रुक जाते हैं तो सभी रुक जाते हैं अगर वह उठकर कहीं चले गए तो सभी को छोड़कर जाना होता है। अच्छा अनुभव रहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईएएस अफसरों से कहा कि हम अगर नागरिकों को विश्वास में लेकर काम करेंगे तो हमें बेहतर परिणाम मिलेंगे| आईएएस एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि टीम भावना से कार्य करें और सकारात्मक ऊर्जा को राज्य की प्रगति में लगाएं। पिंगुआ ने कहा कि मुख्यमंत्री आज हमारे कॉन्क्लेव में बंद गले का काला कोट पहनकर आये हैं जो हमारा ड्रेस कोड है, इससे हम सभी का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एसोसिएशन की तरफ से विश्वास दिलाया कि हम सभी छत्तीसगढ़ के हित में कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पणभाव से कार्य करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री को भेट की दिव्यांग बच्चों द्वारा निर्मित पेंटिंग :- एसोसिएशन की तरफ से दिव्यांग बच्चों द्वारा निर्मित एक पेंटिंग भी सीएम को यादगार के तौर पर दी गई। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री बघेल की पेंटिंग थी। इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि आईएएस अधिकारियों द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि को हमेशा सही सलाह दी जानी चाहिए। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों की कार्यप्रणाली के बारे में बेहतर समझ होती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका शुक्ला धन्यवाद ज्ञापन धनंजय देवांगन ने किया।

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