April 26, 2024

मेरठ : 2 साल की बच्ची में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन, ब्रिटेन से लौटा था परिवार

 मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो साल की एक बच्ची में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है. दरअसल, ब्रिटेन से लौटे परिवार को कोरोना हुआ था. कोरोना की पुष्टि के बाद सैंपल दिल्ली भेजे गए थे. 4 लोगों के सैंपल में 2 साल की बच्ची की रिपोर्ट में कोरोना के नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई है. 

बच्ची के माता-पिता भी कोरोना संक्रमित हैं. हालांकि, उनमें कोरोना का नया स्ट्रेन नहीं मिला है. 2 साल की बच्ची में कोरोना का नया स्ट्रेन मिलने के बाद इलाके को सील कर दिया गया है. इलाके के लोगों का अब लगातार टेस्ट किया जा रहा है. 

बता दें कि इससे पहले यूनाइटेड किंगडम से लौटे 6 लोगों में भी कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण मिले. इनमें से तीन बेंगलुरु, 2 हैदराबाद और एक पुणे की लैब के जांचे गए सैंपल में नया स्ट्रेन पाया गया. यूके से लौट रहे लोगों की जीनोम स्किवेंसिंग की गई थी, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई. 

बता दें कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक कुल 33 हजार लोग यूके से भारत के अलग-अलग एयरपोर्ट पर उतरे. इनमें से 114 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले. इनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भारत के 10 अलग-अलग प्रयोगशालाओं में भेजे गए. 

कोरोना के नए स्ट्रेन की शुरुआत ब्रिटेन से हुई थी, जिसके बाद यूरोप के कई देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं. अभी तक की जानकारी के अनुसार, डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान, सिंगापुर में कोरोना के नए स्ट्रेन के केस मिल चुके हैं.

कोरोना का नया स्ट्रेन ऐसे समय में आया है जब भारत में वैक्सीनेशन की तैयारियां जोरों से हो रही हैं. वैसे ब्रिटेन से फैले कोरोना के नए वैरिएंट पर रोकथाम के लिए भारत ने 23 दिसंबर को ही ब्रिटेन की फ्लाइट्स पर रोक लगाई थी, लेकिन केस सामने के बाद सरकार सतर्क हो गई है. कोरोना का ये नया रूप इसलिए चिंता बढ़ा रहा है, क्योंकि ये करीब 70% ज्यादा संक्रामक है और कम आयु वर्ग के लोगों को भी चपेट में ले रहा है, लेकिन राहत की बात ये है कि ये घातक कम है.

भारत में कोरोना के नए स्ट्रेन की एंट्री के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बयान दिया. स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि कोरोना की वैक्सीन नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी होगी. लोगों को नए स्ट्रेन से घबराने की जरूरत नहीं है. भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो के विजय राघवन ने कहा कि वैक्सीन यूके और दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले वेरिएंट के खिलाफ काम करेंगी. इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वर्तमान वैक्सीन इन कोरोना वेरिएंट्स से बचाने में नाकाम रहेंगी.   

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