November 28, 2020

छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर से की जाएगी धान खरीदी, 85 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य

रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार 1 दिसंबर से धान खरीदी करने जा रही है. धान के अच्छे उत्पादन को देखते हुए पिछले साल की तुलना में इस साल 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है.सरकार इस बार भी किसानों को 2500 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करेगी. प्रदेश में धान खरीदी की तैयारी को लेकर 2 नवंबर को मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक की जाएगी. राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सरकार किसानों को किसान न्याय योजना के तहत धान की तीसरी किस्त का भुगतान करने जा रही है. 

पिछले साल धान बेचने के लिए 19 लाख किसान पंजीकृत हुए थे. ऐसे किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की जरूरत नहीं है. जिन किसानों ने अपना पंजीयन नहीं कराया है वे निर्धारित तिथि 10 नवंबर तक अपना पंजीयन करा सकते हैं.पिछले साल सरकार ने 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था, इस उत्पादन को देखते हुए धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया गया है. इस साल सरकार किसानों से 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदेगी.

राज्य सरकार ने प्लास्टिक के बारदाने खरीदने की तैयारी कर ली थी, लेकिन केंद्र सरकार के जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि धान की खरीदी जूट के बारदाने में की जाएगी. 2 नवंबर को मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में बारदाने को लेकर भी चर्चा की जाएगी. सरकार को धान खरीदी के लिए 14 लाख गठान बारदाने की तत्काल जरूरत है. बारदानों की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी. खाद विभाग ने पीडीएस और राइस मिलों से मौजूद बारदानों को वापस मंगाया है, लेकिन बारदाना उतना नहीं है, जितना खरीदी के लिए जरूरत है. कोलकाता में जूट मिल बंद होने से बाजार में बारदाना उपलब्ध नहीं है ऐसे में बारदानों का संकट हो सकता है. 

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