April 3, 2025

किन्रर बनीं सरपंच, बंपर वोटों से जीता चुनाव तो ग्रामीणों ने मनाया जश्न, किया ऐसा काम हर कोई मुरीद….

kinnar sarpanch sonu

एमसीबी। छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव चल रहे हैं। दूसरे चरण के रिजल्ट सामने आ चुके हैं। राज्य के मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में एक किन्नर ने सरपंच का चुनाव जीता है। यहां के ग्राम पंचायत चनवारीडांड में ग्रामीणों ने किन्नर सोनू पर भरोसा किया है। पंचायत चुनाव में किन्नर सोनू ने सबसे ज्यादा वोट हासिल कर सरपंची का चुनाव जीता है। 2 हजार 665 मतदाताओं वाले चनवारीडांड ग्राम पंचायत में सरपंच के लिए कुल 5 प्रत्याशी मैदान में थे।

गौरी सिंह, किन्नर सोनू सिंह उरांव, कलावती पैकरा, शशिकला और मंगलवती सिंह मरावी यहां से सरपंची का चुनाव लड़ रहे थे। इस पंचायत में दूसरे चरण में 20 फरवरी वोटिंग हुई थी। किन्नर सोनू सिंह उरांव ने सबसे ज्यादा 550 से ज्यादा वो मिले। किन्नर सोनू को चुनाव चिन्ह ताला चाबी मिला था। सोनू की जीत से गांव के लोगों ने जमकर उत्साह मनाया। लोगों ने उन्हें जीत की बधाई और शुभकामनाएं दीं।

गांव के विकास का किया वादा
इस गांव को जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक माना जाता है। मूलभूत सुविधाओं का विकास यहां बड़ा मुद्दा था। किन्नर सोनू ने पूरा चुनाव इसी मुद्दे पर लड़ा और जीत हासिल की। जीत मिलने के बाद सोनू ने ग्रामीण मतदाताओं का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह गांव का विकास करेंगी। गांव का विकास ही उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वह गांव के विकास के लिए काम करेंगी और जनता के दिलों में अपनी जगह बनाएंगी।

अनाथ बच्चो को लिया गोद
किन्नर सोनू ने कहा कि वह गांव के लोगों को पूरा भरोसा दिलाती हैं कि वह गांव का विकास करेंगी। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य ही गांव का विकास है। उनकी जीत से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। बड़ी बात ये है कि मनेंद्रगढ़ ब्लॉक में 5 थर्ड जेंडर वोटर्स हैं। नवनिर्वाचित सरपंच सोनू 12वीं तक पढ़ी हैं। उन्होंने एक बच्चे को भी गोद लिया है और उसका पालन-पोषण कर रही हैं। बचपन से ही चनवारीडांड में किन्नर समाज के लोगों के साथ रहती हैं। अनाथ बच्चे को गोद लेने पर हर कोई किन्नर सोनू की तारीफ करता है।

विधायक का भी लड़ चुकी हैं चुनाव
किन्नर सोनू मनेंद्रगढ़ सीट से विधायक का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। हालांकि तब उन्हें ज्यादा वोट नहीं मिले थे। उसके बाद वर्ष 2019 में सरपंच का चुनाव लड़ी थी, लेकिन हार गईं। 2025 में सरपंच पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी और जीत भी हासिल की है।

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