April 4, 2025

PM मोदी के साथ चर्चा में CM भूपेश ने कहा- राज्यों को मिले निर्णय का अधिकार

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रायपुर। तीसरी बार लॉकडाउन बढाए जाने के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंस पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों के संचालन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को मिलना चाहिए। उन्होंने कोरोना वायरस की रोकथाम और राज्यों में आर्थिक गतिविधियों के संचालन तथा श्रमिकों एवं ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने के संबंध में महत्वपूर्ण उपयोगी सुझाव दिए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण का दायित्व राज्य सरकारों को दिया जाना चाहिए। सीएम बघेल ने कहा कि रेल सेवा शुरू होने से वर्तमान स्थिति में बदलाव आएगा। नियमित ट्रेन और हवाई सेवा, अंतर राज्यीय बस परिवहन की शुरुआत राज्य सरकारों से विचार विमर्श कर किया जाना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों के परिवहन के लिए एसडीएमआरसी मद से राशि व्यय किये जाने की अनुमति देने का भी सुझाव दिया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते राज्य में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जिससे राजस्व की हानि हुई है। तालाबंदी से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखे जाने तथा उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करने का आग्रह किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य को 30 हजार करोड़ रुपए की सहायता दिए जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री केयर फंड में छत्तीसगढ़ राज्य के औद्योगिक संस्थानों द्वारा बड़ी राशि दान दी गई है। इस संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ के जरूरत मंद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए यह राशि राज्य को अंतरित की जानी चाहिए।


सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। धान यहां की प्रमुख उपज है। एफसीआई द्वारा राज्य से 24 लाख मैट्रिक टन चावल लिया गया है, उन्होंने इसे बढ़ाकर 31.11 लाख मैट्रिक टन किए जाने की अनुमति देने का भी आग्रह प्रधानमंत्री से किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों की तरह पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को भी पीएम गरीब कल्याण पैकेज में शामिल करने का आग्रह किया। मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार दिए जाने का प्रावधान 200 दिन करने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से छत्तीसगढ़ राज्य में लाखों की संख्या में ऐसे श्रमिक हैं, जो 100 दिन का रोजगार पूरा करने की स्थिति में आ गए हैं। इसमें बढ़ोतरी किए जाने से उन्हें मई और जून माह में भी गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा। कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइन के अतिरिक्त और भी टेस्टिंग की गाइडलाइन जारी करने का अनुरोध उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के कोल से कोयला मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जमा कराई गई 4 हजार 140 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लेवी की राशि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार राज्य सरकार को अंतरित करने का आग्रह किया। 


मुख्यमंत्री ने कहा महामारी की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा, तभी इसमें सफलता मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में सहयोग के लिए भारत सरकार तथा अन्य राज्य के मुख्यमंत्रियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ के मजदूर जो लॉकडाउन दौरान अन्य राज्यों में फंसे थे, उस अवधि में उनकी मदद के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी आभार जताया। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी. एस. सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आर. पी. मंडल, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव स्वास्थ्य निहारिका बारिक सिंह, उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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